Learn how and when to remove this template message, https://en.wikipedia.org/w/index.php?title=Alibaba_Aur_40_Chor_(1966_film)&oldid=976042226, Creative Commons Attribution-ShareAlike License, "Main maasoom, dil maasom Kya Ho Jaye kya maaloom", This page was last edited on 31 August 2020, at 21:19. अलीबाबा और 40 चोर - alibaba aur 40 chor ki kahani अलिफ लैला की कहानियां-अलीबाबा और 40 चोर alibaba aur 40 chor ki kahani अलीबाबा और 40 चोर बहुत प्रसिद्ध कहानी है. आह, और उसने कहा कि ओपन जौ ..  अति उत्साह में, कासिम पासवर्ड भूल गया और गुफा के अंदर बंद हो गया। थोड़ी देर बाद, उसने घोड़ो की दौड़ने की आवाज सुनी aur chalis chor  गुफा में वापस आ गए थे।, गुफा का दरवाजा खोलने के बाद, उन्होंने कासिम को बिना किसी सवाल के उसके फर्श पर घुटने के बल बैठते हुए पाया कि एक नेता ने उसे खंजर से मार दिया और कासिम के मरे हुए शरीर को अंदर ही  छोड़ दिया।, बहुत देर घर वापस नहीं लौटने के कारण कासिम की पत्नी अलीबाबा के पास चली गई | वह कासिम के लापता होने की सूचना देने गयी । उन्होंने कहा कि वह गुफा में गया होंगे, मैं जाऊंगा और उसे ढूंढूंगा।, अलीबाबा गुफा में गया और वहां कासिम का शव पड़ा मिला। उसने कासिम का शव गधे पर रखा और उसे अपने घर ले गया। कासिम की नौकरानी मोलार्गा ने इस घटना के बारे में सब कुछ सुना।, उसने कहा कि हमें उसकी मौत का कारण सभी से छिपाना होगा। मैं उसके लिए कुछ दवा लेने के लिए डॉक्टर के पास जाऊंगी । ताकि हम दिखावा कर सकें कि वह बीमार है, कल सुबह हम घोषणा करेंगे कि वह मर चुका है। हर कोई उसके मास्टर प्लान के लिए सहमत हो गया।, Alibaba Aur 40 Chor ki Kahani का रोमांचक आगे है पढ़ते रहिये |, कुछ दिन बीत गए थे लेकिन कासिम की पत्नी दुःख सहन नहीं कर सकी और मर गई। तब नौकरानी ने अलीबाबा से उन्हें अपने घर में काम करने की अनुमति देने के लिए कहा।, अलीबाबा जानता था कि वह एक चालाक लड़की है और भविष्य में मददगार साबित होगी इसलिए Alibaba मोलिआरा को अपने घर ले गया । अगले दिन हुआ aur chalis chor  गुफा में आए।, नेता: शव कहां है ?? चोर आते हैं लेकिन अलीबाबा का घर नहीं खोज पाते हैं. इसी तरह दिन गुजर रहे थे. Alibaba Aur 40 Chor (Alibaba And 40 Thieves) is 1966 Hindi adventure fantasy film produced and directed by Homi Wadia and starring Sanjeev Kumar in the lead role. अलीबाबा और 40 चोर - alibaba aur 40 chor ki kahani. कोई और है जो हमारे रहस्य को जानता है। इतना धन हम जीवन भर इकट्ठा करते रहे हैं। इससे पहले कि हम इसे खो दें, हमें यह पता लगाना होगा कि हमारा दुश्मन कौन है।, और उसने अपने आदमियों को तुरंत गाँव जाने और यह पता लगाने का आदेश दिया कि हाल ही में किसकी मृत्यु हुई है। व्यक्ति का पता लगाने के लिए सभी chor  गाँव में चले गए। एक चोर डॉ के घर आया. कासिम इर्श्या इतना बढ़ गया कि वह सो नहीं सका इसलिए वह तुरंत अलीबाबा के घर गया और अलीबाबा से पूछा, अरे, भाई, तुम्हें कुछ चाहिए? Stories, Home remedies, Quotes, Astrology, News, अलीबाबा और चालीस चोर की हिंदी कहानी | Alibaba aur 40 chor hindi story: बहुत साल पहले परसिआ के एक शहर में कालीन का एक व्यापारी रहता था। उसके 2 बेटे थे कासिम और अलीबाबा। उसका व्यापार अच्छा चल रहा था लेकिन कुछ समय बाद उसकी मौत हो गयी जिसके बाद बड़े बेटे क़ासिम जो की लालची व्यक्ति था उसने सारे व्यापार पर कब्ज़ा कर लिया और अलीबाबा को घर निकाल दिया।, जिसके बाद अलीबाबा और उसकी बीवी दूसरी जगह जाकर रहने लगे और ग़रीबी में जीवन बिताने लगे । अलीबाबा जंगल में लकड़ियाँ काट कर बेचता था और अपनी बीवी और बच्चों का पालन पोषण करता था। यह सब ऐसा ही चल रहा था की एक दिन अलीबाबा जंगल में लकड़ियाँ काट रहा था तो उसने 40 घुड़सवार को जंगल में से गुजरते हुए देखा वह एक पेड़ के पीछे छिप कर यह सब देख रहा था।, उसने देखा उन सभी घुड़सवार के साथ एक पोटली थी और उनके पास खंजर भी था जिससे अलीबाबा समझ गया की यह सब चोर है। वह उन सभी को देख ही रहा था की वह 40 चोर एक छोटी पहाड़ी के सामने जाकर रुक गए। उन चोरों का सरदार पहाड़ी के सामने “खुल जा सिम सिम ” बोला जिसके बाद पहाड़ी में से एक खुफ़िया दरवाज़ा खुल गया और सारे चोर अंदर चले गए और वह दरवाजा बंद हो गया।, यह सब देख कर अलीबाबा बहुत हैरान हो गया। वह उस पहाड़ को ऐसे ही कुछ समय देख रहा था की वह ख़ुफ़िया दरवाजा फिर खुला और उसमे से चालीस चोर निकले और चले गए जिसके बाद दरवाजा फिर बंद हो गया।, अलीबाबा को बहुत जानने की इच्छा हुई की आख़िर उस दरवाज़े के अंदर क्या है। वह यह जानने के लिए उस पहाड़ के पास गया और जो चोरों के सरदार ने शब्द बोले थे वही बोलने लगा “खुल जा सिम सिम ” उसके यह बोलने के बाद दरवाजा फिर खुल गया और अलीबाबा गुफ़ा के अंदर चला गया।, गुफ़ा के अंदर अलीबाबा ने जाकर देखा की गुफ़ा में बहुत सा सोना, चांदी , हीरे , जवाहरात और सोने के सिक्कें रखे थे। वह यह सब देख कर बहुत खुश हो गया। उसको समझ आ गया था की सभी चोर अपनी चोरी और लूट का माल उस पहाड़ी की गुफा में छुपाते है।, उसने कुछ सोने के सिक्के एक पोटली में भरे और उस गुफ़ा से चला आया। उसने यह सारी बात जाकर अपनी बीवी को बताई और वह सिक्के दिखाए। जिससे उसकी बीवी बहुत खुश हो गयी। अलीबाबा ने अपनी बीवी को सोने के सिक्के गिनने के लिए अपने बड़े भाई क़ासिम के घर जाकर तराजू लाने के लिए कहा और बोला की किसी को इस बारे में न बताएं।, अलीबाबा की बीवी तभी क़ासिम के घर गयी और उसकी बीवी से तराज़ू अनाज़ तोलने के लिए माँगा। क़ासिम की बीवी बहुत चालक औरत थी। उसको शक हुआ की इन गरीबों के पास इतना अनाज़ कहा से आया तब उसने तराज़ू के नीचे थोड़ा सा गोंद लगाकर उसको दे दिया। रात को अलीबाबा और उसकी बीवी ने सोने के सिक्के तोले और सुबह वह तराजू क़ासिम की बीवी को लौटा दिया।, क़ासिम की बीवी ने जब तराजू उल्टा करके देखा तो उसको एक सोने का सिक्का उसमें चिपका हुआ मिला। उसने यह बात अपने पति को बताई। यह बात सुन कर क़ासिम अपने भाई अलीबाबा के पास गया और उसको सहानुभूति दिखा कर उससे सारा राज़ जान लिया। अलीबाबा ने उसको सारी बात बताने के साथ दरवाजा खोलने के लिए ख़ुफ़िया शब्द “खुल जा सिम सिम” भी बता दिए।, क़ासिम यह सब जान कर अपने साथ कुछ खच्चर को लेकर उसी पहाड़ी के पास चला गया। उसने “खुल जा सिम सिम” बोला और दरवाज़ा खुल गया जिसके बाद वह उस उसके अंदर चला गया। उसने अंदर जाकर बहुत सारा खजाना देखा और उसको उसको भर लिया लेकिन जैसे ही वह उस गुफ़ा से निकलने के लिए वह ख़ुफ़िया शब्द बोलने लगा तो वह यह शब्द भूल चूका था।, जिससे वह उस गुफ़ा में ही बंद हो गया और कुछ देर बाद 40 चोर आये और दरवाजा खोलकर अंदर आये तो उन्हें क़ासिम मिला। उनको पता चल चूका था की वह उनका ख़जाना लेने आया है तो उनने उसको मार दिया और उसकी लाश को वही छोड़ कर चले गए।, जब बहुत देर तक क़ासिम नहीं आया तो क़ासिम की बीवी अलीबाबा के घर गयी और सारी बात बताई। तब अलीबाबा उसको ढूंढने के लिए गुफ़ा के अंदर गया तो उसको क़ासिम की लाश मिली जिससे वह बहुत दुःखी हुआ और उसकी लाश को अपने साथ खच्चर पर लाद कर ले आया।, उनने यह बात मीर कासिम बड़ा था और अली शाह छोटा था. Alibaba Aur 40 Chor (en hindi : अलीबाबा और चलीस चोर, en russe : Приключения Али-Бабы и сорока разбойников) est une comédie mélodramatique musicale indo-soviétique réalisée par Umesh Mehra et Latif Faiziyev sorti en 1980.Le scénario, écrit par Shanti Prakash Bakshi et Boris Saakov, est basé sur l'histoire d'Ali Baba. मीर कासिम बड़ा था इसलिए उसने धोखे से अपने पिता की पूरी जायदाद पर कब्जा कर लिया और अली बाबा को घर से निकाल दिया. अली बाबा ने घर चलाने के लिए जंगल से लकड़ी काटने का काम शुरू कर दिया. Ships in 24 hours. Alibaba chalis chor ki kahani, Alif Laila Ki Kahani अलीबाबा अब उस गुफा के सामने गया और जोर से बोला खुल जा सिम-सिम और गुफा का दरवाजा खुल गया. अगली सुबह कासिम ने सोने को ले जाने के लिए चार मजबूत गधो  के साथ अपना घर छोड़ दिया। वह गुफा में पहुंचा और चिल्लाया। खुल जा सेम सेम.. और दरवाजा खुला और उसके पीछे बंद हो गया।, गुफा में प्रवेश करने के बाद वह आश्चर्यचकित था और अपनी आँखों पर विश्वास नहीं कर सका | इसलिए उसने सभी सिक्कों और रत्नों को बोरी में भर दिया | लेकिन जब वह लौटने के लिए दरवाजे पर आया, तो वह वहीं सोच कर खड़ा हो गया। क्या शब्द था ?? जब देर रात तक मीर कासिम नहीं लौटा तो मीर कासिम की बीवी अली बाबा के पास गई और उसे सारी बात बताई. अलीबाबा अंदर गया तो क्या देखता है कि गुफा सोने चांदी, हीरे जवाहरात और कीमती चीजों से भरा हुआ है. The film is based on Ali Baba's story from One Thousand and One Nights. Le scénario, écrit par Shanti Prakash Bakshi et Boris Saakov, est basé sur l'histoire d'Ali Baba. Ali Baba hears the password to the door of the cave of the dacoits and takes a lot of jewels from the cave. Please post more like these. Приключения Али-Бабы и сорока разбойников, https://fr.wikipedia.org/w/index.php?title=Alibaba_Aur_40_Chor&oldid=173684983, Adaptation des Mille et Une Nuits au cinéma, Portail:Époque contemporaine/Articles liés, licence Creative Commons attribution, partage dans les mêmes conditions, comment citer les auteurs et mentionner la licence.